राज्य में युवाओं का आक्रोश चरम पर है और छात्र सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं। इस डिबेट में हमने प्रमुखता से बात रखी कि सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने और "सबूत मिटाओ कार्यक्रम" चलाने के बजाय पारदर्शी जांच कराए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे।
आज मैंने raftaar मीडिया के लाइव डिबेट में यही सवाल अपने साथी प्रवक्ताओं से किया कि आपकी पार्टी और उनके नेताओं की मंशा आखिर क्या है? यदि छात्रहित होता तो आप सभी झारखंड, पंजाब, करले हुई परीक्षा गड़बड़ियों पर भी आवाज उठाते!
डीसी के बेटे के साथ जब रिक्शा चालक का भी बेटा एक बेंच पर बैठकर पढ़ेगा तभी होगा शिक्षा में सुधार : बिजय चौरसिया *लोग अपने-अपने मकसद से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, सुधार से किसी को कोई मतलब नहीं है।* *मांग इसकी हो कि मंत्री, सांसद, विधायक, डीसी, एसपी, बीडीओ, दरोगा के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करे ऐसा कानून बनाए राज्य और केंद्र सरकार* भाजपा के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता बिजय चौरसिया ने बुधवार को प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि लोग धरना, प्रदर्शन, अनशन अपने अपने मकसद से कर रहे हैं किसी को मूल सुधार से मतलब नहीं है। बताया देश आजादी के बाद शुरुआत से हीं इस देश की शिक्षा नीति में बदलाव की आवश्यकता रही है। शुरू से यहां अमीरों के बच्चों के लिए अलग और गरीबों के बच्चों के लिए अलग शिक्षा रही है। बताया जब तक देश के संपन्न लोगों के बच्चों के संग गरीब के बच्चे नहीं पढ़ पाएंगे देश की शिक्षा में कोई सुधार नहीं हो सकता। अमीरों के बच्चों और गरीबों के बच्चों की शिक्षा में बहुत बड़ी खाई है। इसे पाटना होगा। बताया पूरी व्यवस्था ऐसी है कि दरोगा का बेटा हीं दरोगा बने, डीसी का बेटा ही डीसी ...
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