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अगस्त, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

CBI या CID?

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इसका जिम्मेवार कौन?

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क्या है पर्दे के पीछे का राज?

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अब आगे क्या?

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क्या अब मामला सीबीआई को?

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तानाशाही की हद हो गई

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सरकारों को संवेदनशील होना चाहिए

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क्या डर सताता है हेमंत जी

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श्रद्धेय को हृदय से नमन॥

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 "जो कल थे वो आज नहीं हैं, जो आज हैं वो कल नहीं होंगे, होने न होने का क्रम इसी तरह चलता रहेगा, हम हैं हम रहेंगे, ये भ्रम भी सदा पलता रहेगा।" श्रद्धेय को हृदय से नमन॥     🪷🙏🙏🙏🪷 #AtalBihariVajpayee  #NationFirst  #DeathAnniversary

आज की सबसे बड़ी सामाजिक आपदा

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 स्वतंत्रता की सच्ची वेदी पर एक नई शपथ : #भ्रष्टाचार और #चाटुकारिता का बहिष्कार मित्र सबसे पहले मैं आपको स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बधाई देता हूं। लेकिन मित्र #स्वतंत्रता_दिवस केवल आसमान में तिरंगा फहराने और देशभक्ति के गीत गाने का दिन नहीं है। यह दिन आत्म-मंथन का भी है मित्र ! जिन वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक राष्ट्र सौंपा था, उनका सपना एक ऐसे भारत का था जहाँ नैतिकता, न्याय और योग्यता का सम्मान हो। लेकिन आज, आज़ादी के इतने दशकों बाद, हमें यह स्वीकार करना होगा कि हमारा समाज एक नई और बेहद खतरनाक बीमारी की चपेट में है और वह है #चाटुकारिता_की_बीमारी। इस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, यह आवश्यक है कि हम राजनीतिक और सामाजिक गुलामी की इस नई बेड़ियों को तोड़ें और एक कठोर, लेकिन बेहद जरूरी शपथ लें। "चाटुकारिता: व्यवस्था को खोखला करने वाली दीमक"  आज के समय में चाटुकारिता(जी-हुजूरी) समाज की सबसे बड़ी बीमारी बन चुकी है मित्र। यह केवल एक व्यक्तिगत कमजोरी नहीं है, बल्कि यह वह दीमक है जो पूरे सिस्टम को अंदर से खोखला कर रही है। यह भ्रष्टाचा...

झारखंड ने शर्म से माथा झुका दिया

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पूरे राज्य में अराजक स्थिति है

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! JMM प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी और PA का घूसकांड?

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ये तालिबानी हरकत क्यों?

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 हेमंत सरकार अपने ही छात्रों पर तालिबानी हरकत कर रही है। यह ठीक नहीं है।

सत्ता के ये कंटीले तार, तुम्हारे फौलादी हौसलों को नहीं रोक सकते!

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  ​ "सत्ता के ये कंटीले तार, तुम्हारे फौलादी हौसलों को नहीं रोक सकते!" ​मेरे प्यारे झारखंडी युवा साथियों, भाइयों और बहनों, ​आज रांची की सड़कें एक नए इतिहास की गवाह बन रही हैं। आज जब आप अपने हक के लिए विधानसभा की ओर कूच कर रहे हैं, तो इस कायर और डरी हुई सरकार की असलियत पूरी तरह बेनकाब हो गई है। ​ क्या झारखंड का युवा आतंकवादी है? आज आपके इस शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव को बाधित करने के लिए सरकार ने सैकड़ों जगहों पर आठ-आठ लेयर के कंटीले तार बिछा दिए हैं। चप्पे-चप्पे पर हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात है। हमारे निहत्थे और बेदाग युवाओं के सामने पुलिस के जवान पैलेट गन जैसे हथियार लेकर खड़े कर दिए गए हैं। मैं इस अंधी-बहरी सरकार से पूछना चाहता हूँ— क्या हमारे ये बच्चे, जो एक कमरे में बैठकर दिन-रात पढ़ाई करते हैं, वे कोई आतंकवादी हैं? ​ राहुल गांधी की 'चुप्पी' और मोहब्बत की दुकान का सच आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि संविधान और युवाओं की बात करने वाले राहुल गांधी आज चुप क्यों हैं? कहाँ गई उनकी 'मोहब्बत की दुकान'? जब झारखंड में खुलेआम सरकारी नौकरियों की नीलामी हो रही है...

रोक सको तो रोक लो, इस सैलाब को?

  रांची में विधानसभा घेराव को लेकर राज्य विभिन्न जिलों से विद्यार्थियों का जनसैलाब उमड़ रहा है।

बहुत ड्रामा है यहां!

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कमाल ही कर दिया है वंदे ने! ग़ज़ब!

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यह असंवेदनशीलता की हद है

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खुद की पहचान बचाने की चुनौती!

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  खुद की पहचान बनाना और उसको बचाये रखने की चुनौती तो होती ही हैं।

"भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बिजय चौरसिया का आंदोलनरत छात्रों से एक भावुक और मुखर अपील"

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 "भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बिजय चौरसिया का आंदोलनरत छात्रों से एक भावुक और मुखर अपील" "भाजपा प्रवक्ता ने झारखंड में हुई परीक्षा धांधली को लेकर रांची में आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों के नाम एक मार्मिक पत्र जारी किया है" "उन्होंने छात्रों के बेदाग़ आंदोलन की तारीफ़ करते हुए कुछ सुझाव भी दिए" संघर्ष की भट्टी में तपते झारखंड के युवा, आपके धैर्य को जोहार! मेरे प्यारे झारखंडी भाइयों, बहनों और मेरे बच्चों, आज यह अपील सिर्फ कुछ शब्द नहीं हैं, बल्कि उस दर्द, उस फिक्र और उस असीम गर्व की अभिव्यक्ति है, जो हमलोग पिछले सात दिनों से आपको देखकर महसूस कर रहे हैं। आप अपने हक, अपने न्याय और झारखंड के भविष्य के लिए जिस तरह डटे हैं, उसने पूरे प्रदेश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। आपके कष्ट हमारी आंखों में हैं बीते सात दिनों से आपने चिलचिलाती धूप झेली है और भारी बारिश में खुद को भीगने दिया है। कुछ मिल गया तो खा लिया, नहीं तो कई रातें आपने फाकों में गुजारी हैं। इस संवेदनहीन सरकार ने आपको सिर छिपाने के लिए एक त्रिपाल तक नहीं लगाने दिया, लेकिन आपके इरादे नहीं डिगे। हमलोग विशेषकर अप...

खुद को बेहतर

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 सुबह सुबह की बात... 

दोस्त, मित्र, सखा नाम चाहे जो हो....

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 दुनिया के सबसे अमीर इंसान : जानिए आपकी असली दौलत कौन है?  लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि ज़िंदगी में कामयाबी का पैमाना क्या है? मैं हमेशा मुस्कुराकर एक ही बात कहता हूँ : इंसान की असली दौलत उसका बैंक बैलेंस नहीं, उसके सच्चे दोस्त होते हैं। अगर आपके पास एक भी ऐसा दोस्त है, जिस पर आप बिना सोचे भरोसा कर सकते हैं, तो यक़ीन मानिए… आप इस दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं।  दोस्ती : ज़िंदगी का 'Pause' और 'Play' बटन है दोस्ती बिल्कुल पुराने टेप रिकॉर्डर के पॉज़ बटन जैसी होती है। आप महीनों बाद मिलें या सालों बाद… जैसे ही आप साथ बैठते हैं, बस पॉज़ बटन हटता है और बातचीत ठीक वहीं से शुरू हो जाती है जहाँ छोड़ी थी। न कोई हिसाब, न कोई शिकायत, और न ही कोई औपचारिकता। यहाँ वक्त ठहर जाता है, लेकिन अपनापन कभी कम नहीं होता।  दोस्त सिर्फ़ हँसाते नहीं, संभालते भी हैं, हम अपनी ज़िंदगी में कई रिश्ते निभाते हैं, लेकिन दोस्त वो ढाल हैं जो बिना कहे हमारी हर परेशानी समझ लेते हैं। सुकून का जरिया : वो सिर्फ़ हँसाते नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में आपको भीतर से मज़बूत बनाते हैं। यह वो सुखद एहसास है...

अयोध्या मंदिर चढ़ावा विवाद: संसद में 'नाट्य प्रदर्शन' पर भड़के स्पीकर ओम बिरला, सांसदों को दी कड़ी चेतावनी

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अयोध्या मंदिर चढ़ावा विवाद: संसद में 'नाट्य प्रदर्शन' पर भड़के स्पीकर ओम बिरला, सांसदों को दी कड़ी चेतावनी अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को एक नया रूप ले बैठा। विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में एक नाट्य प्रस्तुति के ज़रिए अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, विरोध के इस अनोखे तरीके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त रुख अपनाते हुए सांसदों को कड़ी चेतावनी दी है। भेष बदलकर प्रदर्शन पर जताई सख्त नाराजगी प्रदर्शन के दौरान कुछ सांसदों द्वारा भेष बदलकर आने की घटना पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गहरा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की गतिविधियां संसद की गरिमा और मर्यादा के बिल्कुल विपरीत हैं। "कुछ माननीय सदस्य जिस तरह भेष बदल-बदलकर आते हैं, उन्हें मेरी चेतावनी है। कई सदस्यों ने मुझसे मिलकर और मुझे लिखकर कहा है कि संसद भवन और संसद परिसर की पवित्रता और मर्यादा बनी रहनी चाहिए। आप संसद की पवित्रता और गरिमा को समाप्त कर रहे हैं। स्पीकर ने केवल परिसर के प्रदर्शनों पर ही नहीं, बल्कि सदन के भीतर...